Gold Price Today: 1 November 2026 Gold Rate India दिवाली और आगामी वेडिंग सीजन के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के दाम गिरे हैं। जानें दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता सहित बड़े शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के लाइव रेट्स, टैक्स ब्रेकअप और एक्सपर्ट्स का मार्केट आउटलुक।
लगातार दो सत्रों से आ रही गिरावट के बाद आज सोने के भाव में स्थिरता और कुछ शहरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिसने आम उपभोक्ताओं और आभूषण प्रेमियों को बड़ी राहत दी है। अगर आप आज सोना खरीदने, ज्वेलरी बुक करने या सोने के सिक्कों में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह विस्तृत रिपोर्ट आपके लिए बेहद मददगार साबित होगी। इस लेख में हम देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के ताजा भावों के साथ-साथ बाजार के भविष्य के रुख का भी विश्लेषण करेंगे।
क्यों बदल रहे हैं सोने के दाम?
सोने को हमेशा से संकट का साथी और एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली छोटी से छोटी घटना भी भारत में इसके दामों को प्रभावित करती. है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों को लेकर अपनाया गया सख्त रुख है। अमेरिकी बाजारों में बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) में बढ़ोतरी और डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से निवेशक सोने से अपना पैसा निकालकर फिक्स्ड इनकम ऑप्शंस में लगा रहे हैं।
इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की आक्रामक खरीदारी में आई थोड़ी सी नरमी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के चलते बुलियन मार्केट पर दबाव देखा जा रहा है। हालांकि, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है, जिसके कारण सोने को निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। घरेलू बाजार में भारतीय रुपया (INR) बनाम अमेरिकी डॉलर (USD) की विनिमय दर भी कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
1 नवंबर 2026: भारत के प्रमुख महानगरों में आज का गोल्ड रेट
भारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सोने के भाव एक समान नहीं होते। स्थानीय सर्राफा एसोसिएशनों के नियम, परिवहन लागत (Transportation Cost) और राज्य स्तरीय टैक्स (जैसे ऑक्ट्रॉय या लोकल बॉडी टैक्स) के कारण कीमतों में कुछ सौ रुपये का अंतर आ जाता है।
नीचे दी गई तालिका में 1 नवंबर 2026 को देश के प्रमुख मेट्रो शहरों में प्रति 10 ग्राम सोने के ताजा सांकेतिक भाव दिए गए हैं:
| शहर (City) | 24-Karat Gold (प्रति 10 ग्राम) | 22-Karat Gold (प्रति 10 ग्राम) | 18-Karat Gold (प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली (Delhi) | ₹1,38,880 | ₹1,27,300 | ₹1,04,160 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹1,38,880 | ₹1,27,300 | ₹1,04,160 |
| अहमदाबाद (Ahmedabad) | ₹1,38,760 | ₹1,27,197 | ₹1,04,070 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹1,38,880 | ₹1,27,300 | ₹1,04,160 |
| बेंगलुरु (Bangalore) | ₹1,38,880 | ₹1,27,300 | ₹1,04,160 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹1,38,880 | ₹1,27,300 | ₹1,04,160 |
(नोट: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं और इनमें 3% GST, मेकिंग चार्जेस या टीसीएस शामिल नहीं हैं। सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी से संपर्क करें।)
कैरेट के अनुसार सोने की शुद्धताและ आज का प्रति ग्राम भाव
जब भी आप बाजार में सोना खरीदने जाते हैं, तो आपको ‘कैरेट’ (Karat) शब्द सुनाई देता है। कैरेट सोने की शुद्धता को मापने की इकाई है। शुद्धता जितनी अधिक होगी, सोने की कीमत भी उतनी ही ज्यादा होगी। 1 नवंबर 2026 को शुद्धता के आधार पर सोने का प्रति ग्राम विश्लेषण निम्नलिखित है:
1. 24-Karat Gold (99.9% शुद्धता)
- आज का भाव: ₹13,888 प्रति ग्राम (यानी ₹1,38,880 प्रति 10 ग्राम)
- विशेषताएं: यह सोने का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है। इसमें किसी भी अन्य धातु की मिलावट नहीं होती है। चूंकि यह बेहद लचीला और नरम होता है, इसलिए इससे भारी या बारीक आभूषण नहीं बनाए जा सकते। इसका उपयोग मुख्य रूप से निवेश के उद्देश्य से सोने के बिस्कुट (Bars), 24K सिक्के और डिजिटल गोल्ड खरीदने में किया जाता है।
2. 22-Karat Gold (91.6% शुद्धता)
- आज का भाव: ₹12,730 प्रति ग्राम (यानी ₹1,27,300 प्रति 100 ग्राम)
- विशेषताएं: आभूषण बनाने के लिए यह दुनिया भर में सबसे लोकप्रिय विकल्प है। इसे ‘916 हॉलमार्क गोल्ड’ भी कहा जाता है। इसमें 91.6% शुद्ध सोना होता है और शेष 8.4% हिस्सा तांबा, चांदी या जस्ता जैसी धातुओं का होता है, जो इसे मजबूती प्रदान करती हैं। भारत में बनने वाले अधिकांश पारंपरिक गहने (जैसे हार, चूड़ियां, अंगूठियां) इसी कैरेट में तैयार किए जाते हैं।
3. 18-Karat Gold (75.0% शुद्धता)
- आज का भाव: ₹10,416 प्रति ग्राम (यानी ₹1,04,160 प्रति 10 ग्राम)
- विशेषताएं: इस प्रकार के सोने में 75% शुद्ध सोना होता है और 25% अन्य धातुएं मिली होती हैं। यह 22 कैरेट की तुलना में काफी मजबूत और कम खर्चीला होता है। आजकल के युवा आधुनिक, लाइटवेट और विशेष रूप से हीरे (Diamond) या अन्य कीमती पत्थरों (Gemstones) से जड़े हुए आभूषणों के लिए 18K सोने को प्राथमिकता देते हैं।
सोने की कीमत का गणित: समझें टैक्स और मेकिंग चार्जेस का खेल
अक्सर ग्राहक शिकायत करते हैं कि अखबारों या वेबसाइटों पर दिखाई जाने वाली कीमत और ज्वेलरी शोरूम के बिल में काफी अंतर होता है। इस अंतर को समझना एक समझदार खरीदार के लिए बेहद जरूरी है। जब आप किसी शोरूम से सोने के आभूषण खरीदते हैं, तो अंतिम कीमत की गणना इस प्रकार की जाती है:
\(\text{अंतिम आभूषण मूल्य}=(\text{सोने का लाइव रेट}\times \text{वजन})+\text{मेकिंग चार्जेस}+\text{3\%\ GST\ (सोने + मेकिंग पर)}+\text{हॉलमार्किंग शुल्क}\)
- मेकिंग चार्जेस (Making Charges): यह जौहरी द्वारा आभूषण को डिजाइन करने और बनाने की मेहनत का शुल्क होता है। यह फिक्स रेट प्रति ग्राम या सोने की कीमत के प्रतिशत (आमतौर पर 8% से लेकर 25% तक) के रूप में लिया जाता है। मशीन से बने गहनों पर मेकिंग चार्ज कम होता है, जबकि हाथ से की गई बारीक नक्काशी (जैसे कुंदन या एंटीक ज्वेलरी) पर यह चार्ज अधिक होता है।
- GST (वस्तु एवं सेवा कर): भारत सरकार के नियमों के अनुसार, सोने के आभूषणों के कुल मूल्य (सोने की कीमत + मेकिंग चार्ज) पर 3% का GST लगाया जाता है।
- HUID/हॉलमार्किंग शुल्क: प्रत्येक आभूषण को हॉलमार्क प्रमाणित करने के लिए एक बहुत ही मामूली सरकारी शुल्क (लगभग ₹45 प्रति नग) लिया जाता है।
स्मार्ट खरीदार कैसे बनें? सोना खरीदते समय 5 जरूरी सावधानियां
यदि आप इस शादियों के सीजन में सोने की खरीदारी करने जा रहे हैं, तो धोखाधड़ी से बचने और सही मूल्य पाने के लिए निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
- BIS Hallmark की जांच अनिवार्य रूप से करें: भारत सरकार ने अब सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। आभूषण के अंदर की तरफ ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) का लोगो और 6 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड जरूर देखें। आप आधिकारिक सरकारी ‘BIS Care App’ के जरिए इस कोड को स्कैन करके आभूषण की शुद्धता और निर्माता की प्रामाणिकता की जांच खुद कर सकते हैं।
- दैनिक लाइव रेट्स को क्रॉस-वेरिफाई करें: शोरूम में प्रवेश करने से पहले हमेशा राष्ट्रीय सर्राफा बाजार के विश्वसनीय और आधिकारिक आज के लाइव रेट्स देख लें। कोई भी प्रतिष्ठित जौहरी आपको दैनिक बाजार भाव से अधिक चार्ज नहीं कर सकता।
- बायबैक पॉलिसी (Buyback Policy) को समझें: गहने खरीदते समय ही दुकानदार से लिखित में यह स्पष्ट कर लें कि भविष्य में उसी आभूषण को वापस करने या बदलने पर वे किस दर से कटौती करेंगे। आमतौर पर, हॉलमार्क वाले गहनों को बेचने पर सोने के वजन का पूरा मूल्य मिलता है, लेकिन मेकिंग चार्जेस और टैक्स वापस नहीं मिलते।
- पक्का इनवॉइस (Tax Invoice) जरूर लें: बिना बिल के सोना खरीदना एक बड़ी गलती हो सकती है। हमेशा एक विस्तृत और पक्का बिल लें, जिसमें सोने का वजन, कैरेट शुद्धता, मेकिंग चार्जेस और GST का अलग-अलग ब्रेकअप स्पष्ट रूप से लिखा हो। यह बिल आपके सोने की शुद्धता का कानूनी प्रमाण होता है।
- मेकिंग चार्जेस पर मोलभाव (Bargaining) करें: सोने की बेस प्राइस पर आपका कोई नियंत्रण नहीं होता, लेकिन मेकिंग चार्जेस पूरी तरह से जौहरी के हाथ में होते हैं। त्योहारी सीजन या बड़े शोरूमों में अक्सर मेकिंग चार्जेस पर 10% से 50% तक की छूट के ऑफर चलते हैं। खरीदारी करते समय मोलभाव करना न भूलें।
निवेश के आधुनिक विकल्प: फिजिकल गोल्ड बनाम डिजिटल गोल्ड और ETFs
अगर आपका उद्देश्य आभूषण पहनना नहीं, बल्कि केवल अपने पैसे को सुरक्षित रखना और भविष्य में रिटर्न कमाना है, तो पारंपरिक फिजिकल गोल्ड (सिक्के या बिस्कुट) खरीदने के बजाय आधुनिक विकल्पों पर विचार करना अधिक फायदेमंद हो सकता है:
- डिजिटल गोल्ड (Digital Gold): आप विभिन्न सर्टिफाइड फिनटेक ऐप्स के जरिए मात्र ₹1 से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। इसमें आपको सोने को लॉकर में रखने या चोरी होने की चिंता नहीं होती। आपके द्वारा खरीदा गया सोना सुरक्षित वॉलेट में 24K शुद्धता के साथ जमा रहता है, जिसे आप कभी भी लाइव मार्केट रेट पर बेच सकते हैं या फिजिकल डिलीवरी ले सकते हैं।
- गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs): गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स शेयर बाजार (Stock Market) में ट्रेड होते हैं। यह सोने के स्टॉक जैसा है जहां 1 यूनिट का मतलब 1 ग्राम शुद्ध सोना हो सकता है। इसमें निवेश करने के लिए आपके पास एक डीमैट खाता (Demet Account) होना जरूरी है। इसमें मेकिंग चार्जेस या चोरी का कोई जोखिम नहीं होता और लिक्विडिटी (त्वरित नकद में बदलना) बेहद शानदार होती है।
- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds – SGB): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले ये बॉन्ड निवेश का सबसे बेहतरीन जरिया माने जाते हैं। इसमें न केवल आपको सोने की बढ़ती कीमतों का लाभ मिलता है, बल्कि सालाना 2.5% का निश्चित ब्याज भी मिलता है। इसके अलावा, मैच्योरिटी (8 वर्ष) पूरी होने पर मिलने वाला कैपिटल गेन पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है।
मार्केट आउटलुक: 2026 के अंत तक कहां जाएंगे सोने के दाम?
अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में आई भारी गिरावट के बाद, निवेशक अब यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या सोना और सस्ता होगा या फिर यह खरीदारी का सही मौका है। प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों और कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अल्पकालिक (Short-term) रूप से बाजार में थोड़ी और अस्थिरता देखी जा सकती है।
वैश्विक दिग्गज वित्तीय संस्थानों की हालिया रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का लॉन्ग-टर्म आउटलुक बेहद मजबूत बना हुआ है। केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी फॉरेक्स रिजर्व संपत्तियों में विविधता लाने के लिए लगातार की जा रही सोने की बड़ी खरीदारी और भविष्य में वैश्विक मंदी के जोखिमों को देखते हुए सोना एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है।
भारतीय बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक, कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतें इस सुधार के बाद साल 2026 के अंत तक एक बार फिर अपनी खोई हुई बढ़त हासिल कर सकती हैं। कुछ डोमेस्टिक एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि दिसंबर 2026 के अंत तक 24 कैरेट सोने का भाव भारतीय बाजार में नए रिकॉर्ड स्तरों को छू सकता है। इसलिए, मौजूदा गिरावट को बाजार के जानकार निवेशकों के लिए ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips यानी हर गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करने) का एक बेहतरीन अवसर मान रहे हैं।
निष्कर्ष:
1 नवंबर 2026 को सोने की कीमतों में आया यह सुधार उन लोगों के लिए एक वरदान की तरह है जो दिवाली के बाद शादियों की भारी-भरकम खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं। पिछले ऑल-टाइम हाई से कीमतें नीचे आने के कारण आभूषणों की कुल लागत में काफी कमी आएगी।
चाहे आप अपनी शादी के लिए भारी पारंपरिक सेट खरीद रहे हों, या अपने बच्चों के भविष्य के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर रहे हों, हमेशा प्रामाणिकता, शुद्धता (Hallmark) और सही बिलिंग को प्राथमिकता दें। सोने में निवेश हमेशा लंबी अवधि (Long-term) के नजरिए से किया जाना चाहिए, क्योंकि इतिहास गवाह है कि समय के साथ सोने ने हमेशा मुद्रास्फीति (Inflation) को पछाड़ते हुए निवेशकों की संपत्ति की सुरक्षा की है।

