Amla in winter: मौसम बदलने लगा है और धीरे-धीरे सर्दियों की आहट महसूस होने लगी है। ऐसे में बाजार में मिलने वाले मौसमी फल और सब्जियां हमारी डाइट का अहम हिस्सा बन जाते हैं। इन्हीं में से एक है आंवला, जिसे भारतीय सुपरफूड भी कहा जाता है। आंवला स्वाद में खट्टा-कसैला जरूर होता है, लेकिन इसमें मौजूद विटामिन C और अन्य पोषक तत्व इसे सेहत के लिहाज से खास बनाते हैं।
सर्दियों में बहुत से लोग आंवले का जूस पीना, आंवले का अचार खाना या उसका मुरब्बा बनाकर रखना पसंद करते हैं। कुछ लोग इसे बालों और त्वचा की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि आंवले को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने के कई आसान तरीके हैं? अगर आपको कच्चा आंवला खाना पसंद नहीं है, तो आप इससे चटनी, अचार, कैंडी और स्वादिष्ट मुरब्बा भी बना सकते हैं।
आइए जानते हैं सर्दियों में आंवला खाने के फायदे, इसे खाने का सही तरीका और घर पर आंवले से बनने वाली 5 आसान रेसिपीज।
- आंवला क्यों माना जाता है सुपरफूड?
आंवला यानी इंडियन गूजबेरी भारत में लंबे समय से खानपान और पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा रहा है। इसका वैज्ञानिक नाम Phyllanthus emblica है।
आंवले की सबसे बड़ी खासियत इसमें मौजूद विटामिन C है। इसके अलावा इसमें फाइबर और विभिन्न प्रकार के पॉलीफेनॉल जैसे पौधों से मिलने वाले यौगिक भी पाए जाते हैं।
विटामिन C शरीर में कोलेजन बनाने, सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को काम करने और भोजन से आयरन के अवशोषण में मदद करता है।
आंवले का स्वाद खट्टा होने के कारण कुछ लोग इसे खाने से बचते हैं, लेकिन इसे अलग-अलग रेसिपीज के जरिए अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि किसी एक फल को खाने से सभी बीमारियों से बचाव की गारंटी नहीं मिलती। अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं।
- सर्दियों में आंवला खाने के 7 फायदे
फायदा 1:
शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को सहारा देता है
सर्दियों में खानपान का ध्यान रखना जरूरी होता है। आंवले में मौजूद विटामिन C सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसलिए आंवले को संतुलित डाइट में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि केवल आंवला खाने से सर्दी-जुकाम नहीं होगा या संक्रमण पूरी तरह रुक जाएगा।
फायदा 2:
त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है
विटामिन C कोलेजन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोलेजन त्वचा सहित शरीर के विभिन्न ऊतकों की संरचना के लिए जरूरी प्रोटीन है।
आंवले को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से शरीर को विटामिन C मिलता है, जो त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
हालांकि, केवल आंवला खाने से झुर्रियां खत्म होने या त्वचा का रंग बदलने की गारंटी नहीं है।
फायदा 3:
बालों के स्वास्थ्य के लिए पोषण देता है
आंवला भारतीय पारंपरिक हेयर केयर में काफी लोकप्रिय है। इसका इस्तेमाल आंवला तेल, हेयर मास्क और अन्य उत्पादों में किया जाता है।
आंवला खाने से मिलने वाला विटामिन C शरीर में कोलेजन निर्माण और आयरन के अवशोषण में मदद करता है। ये प्रक्रियाएं सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हालांकि, आंवला खाने से बालों का झड़ना निश्चित रूप से बंद हो जाता है या सफेद बाल दोबारा काले हो जाते हैं, ऐसे दावों के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
फायदा 4:
पाचन के लिए उपयोगी डाइट का हिस्सा बन सकता है
आंवले में फाइबर होता है, जो संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पर्याप्त फाइबर लेने से सामान्य पाचन और मल त्याग में मदद मिल सकती है।
आप आंवले को चटनी, सलाद या दूसरे खाद्य पदार्थों के साथ खा सकते हैं।
हालांकि, पेट की समस्याओं का इलाज केवल आंवले से नहीं किया जा सकता। यदि लगातार पेट दर्द, एसिडिटी या कब्ज की समस्या हो, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
फायदा 5:
शरीर को एंटीऑक्सिडेंट यौगिक प्रदान करता है
आंवले में विटामिन C और विभिन्न पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर की सामान्य जैविक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं।
संतुलित आहार में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करने से अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं।
इसलिए आंवले को भी मौसमी फलों के साथ अपनी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
फायदा 6:
भोजन से आयरन के अवशोषण में मदद करता है
विटामिन C का एक महत्वपूर्ण काम पौधों से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में सहायता करना है।
उदाहरण के लिए, दाल, चना या हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ थोड़ी मात्रा में विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ लेने से आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है।
हालांकि, एनीमिया यानी खून की कमी होने पर केवल आंवला खाना पर्याप्त इलाज नहीं है। इसके लिए कारण की पहचान और जरूरत के अनुसार चिकित्सा जरूरी है।
फायदा 7:
सर्दियों के खानपान में विविधता लाता है
आंवले का स्वाद खट्टा और खास होता है। इसे चटनी, अचार, सलाद और दूसरे व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर आपको रोजाना फल खाना पसंद नहीं है, तो आंवले की अलग-अलग रेसिपीज आपकी डाइट में विविधता ला सकती हैं।
बस ध्यान रखें कि मीठे मुरब्बे और कैंडी में चीनी अधिक हो सकती है। इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में खाना बेहतर है।
- आंवला खाने का सही तरीका क्या है?
आंवला खाने का कोई एक तरीका सभी लोगों के लिए सबसे अच्छा नहीं होता। आप अपनी पसंद और स्वास्थ्य के अनुसार इसे अलग-अलग रूपों में खा सकते हैं।
कच्चा आंवला: आंवले को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें और अपनी सहनशीलता के अनुसार खाएं।
आंवले की चटनी: धनिया, हरी मिर्च और थोड़े मसालों के साथ चटनी बना सकते हैं।
आंवले का अचार: कम तेल और नमक के साथ घर पर अचार तैयार किया जा सकता है।
आंवले का जूस: आंवले को पानी के साथ पीसकर छान सकते हैं। हालांकि, छानने पर कुछ फाइबर निकल सकता है। बिना अतिरिक्त चीनी के इसका सेवन बेहतर विकल्प हो सकता है।
आंवले का मुरब्बा: अगर आपको मीठा पसंद है, तो मुरब्बा बना सकते हैं। लेकिन इसमें चीनी की मात्रा अधिक हो सकती है, इसलिए इसे कम मात्रा में खाएं।
किन लोगों को आंवला खाते समय सावधानी रखनी चाहिए?
आंवला सामान्य तौर पर भोजन के रूप में खाया जाता है, लेकिन कुछ लोगों को सावधानी रखनी चाहिए।
जिन लोगों को आंवला खाने से पेट में जलन या असहजता होती है, वे कम मात्रा से शुरुआत करें।
डायबिटीज वाले लोग मीठे आंवला मुरब्बे और शहद वाले मिश्रण की मात्रा पर ध्यान दें।
यदि आप नियमित दवाएं लेते हैं या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या के लिए इलाज करा रहे हैं, तो आंवले के सप्लीमेंट या अधिक मात्रा में सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
- घर पर बनाएं आंवले की 5 स्वादिष्ट रेसिपीज
अगर आपको कच्चा आंवला पसंद नहीं है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। यहां आंवले से बनने वाली पांच आसान रेसिपीज दी गई हैं।
रेसिपी 1: आंवले की चटनी
सामग्री:
- 4 से 5 आंवले
- आधा कप हरा धनिया
- 1 हरी मिर्च
- आधा इंच अदरक
- आधा छोटा चम्मच जीरा
- स्वादानुसार नमक
- थोड़ा पानी
बनाने की विधि:
सबसे पहले आंवले को अच्छी तरह धो लें। इन्हें काटकर बीज निकाल दें।
अब मिक्सर में आंवला, हरा धनिया, हरी मिर्च, अदरक, जीरा और नमक डालें। थोड़ा पानी डालकर सभी चीजों को पीस लें।
आपकी खट्टी-तीखी आंवले की चटनी तैयार है।
इसे रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ खा सकते हैं। चटनी को साफ, ढके हुए बर्तन में फ्रिज में रखें और कम मात्रा में बनाएं ताकि ताजा रहते हुए इस्तेमाल कर सकें।
रेसिपी 2: घर पर बनाएं आंवले का अचार
सामग्री:
- 500 ग्राम आंवला
- 2 से 3 बड़े चम्मच सरसों का तेल
- 2 छोटे चम्मच सौंफ
- 1 छोटा चम्मच मेथी दाना
- आधा छोटा चम्मच हल्दी
- 1 से 2 छोटे चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- स्वादानुसार नमक
बनाने की विधि:
सबसे पहले आंवले को धोकर अच्छी तरह सुखा लें। इन्हें भाप में पकाएं या थोड़े पानी में तब तक पकाएं, जब तक फांकें अलग होने लगें।
आंवले को ठंडा करके बीज निकाल लें और साफ कपड़े पर फैलाकर सतह की नमी अच्छी तरह सूखने दें।
अब सरसों के तेल को गर्म करके ठंडा होने दें। इसमें सौंफ, मेथी, हल्दी, लाल मिर्च और नमक मिलाएं।
इस मसाले को आंवले की फांकों में अच्छी तरह मिलाएं।
अचार को साफ, सूखे बर्तन में भरकर फ्रिज में रखें। इस आसान रेसिपी को लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला पारंपरिक अचार न समझें, क्योंकि इसमें नमी और तेल की मात्रा के कारण खराब होने का जोखिम रहता है। लंबे समय तक रखने के लिए जांची-परखी अचार बनाने की विधि अपनाएं।
रेसिपी 3: आंवले का मुरब्बा
सामग्री:
- 500 ग्राम आंवला
- 400 से 500 ग्राम चीनी
- 2 कप पानी
- 3 से 4 इलायची
- थोड़ा केसर, वैकल्पिक
बनाने की विधि:
आंवले को धोकर कांटे से हल्के छेद कर लें। इन्हें पानी में नरम होने तक पकाएं और पानी निकाल दें।
एक पैन में पानी और चीनी डालकर गर्म करें। चीनी घुलने पर आंवले डाल दें।
धीमी आंच पर पकाएं, जब तक आंवले नरम न हो जाएं और चाशनी कुछ गाढ़ी न हो जाए।
अंत में इलायची और चाहें तो थोड़ा केसर डालें। मिश्रण को ठंडा होने दें।
इसे साफ बर्तन में रखकर फ्रिज में स्टोर करें और थोड़ी मात्रा में खाएं।
ध्यान दें: यह घर पर कम मात्रा में बनाया जाने वाला मुरब्बा है। इसे लंबे समय तक कमरे के तापमान पर सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। लंबे समय तक स्टोर करने के लिए प्रमाणित प्रिजर्वेशन विधि का पालन करें।
रेसिपी 4: आंवले का ताजा जूस
सामग्री:
- 2 से 3 आंवले
- 1 गिलास पानी
- थोड़ा अदरक, वैकल्पिक
- काला नमक, वैकल्पिक
- गुड़, वैकल्पिक
बनाने की विधि:
आंवले को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें और बीज निकाल दें।
मिक्सर में आंवला और पानी डालकर पीस लें। चाहें तो थोड़ा अदरक भी डाल सकते हैं।
इसे बिना छाने पिएं या अपनी पसंद के अनुसार छान लें। स्वाद के लिए थोड़ा काला नमक मिला सकते हैं।
जूस को ताजा बनाकर पीना बेहतर है। अतिरिक्त चीनी डालने की जरूरत नहीं है।
यदि आपको एसिडिटी या पेट में जलन होती है, तो आंवले का खट्टा जूस आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। ऐसे में इसे खाने से बचें या अपनी सहनशीलता के अनुसार सेवन करें।
रेसिपी 5: आंवले की मीठी कैंडी
सामग्री:
- 500 ग्राम आंवला
- 250 से 350 ग्राम चीनी
- थोड़ा काला नमक, वैकल्पिक
बनाने की विधि:
आंवले को धोकर भाप में पकाएं, ताकि उसकी फांकें आसानी से अलग हो जाएं।
बीज निकालकर फांकें अलग कर लें। अब एक साफ बर्तन में आंवले की फांकें और चीनी डालकर मिलाएं।
इन्हें फ्रिज में ढककर रखें और बीच-बीच में चलाएं, ताकि चीनी का रस निकलकर फांकों में समा सके।
जब फांकें मीठी हो जाएं, तो उन्हें साफ ट्रे पर फैलाएं और नियंत्रित, स्वच्छ तरीके से सुखाएं। पूरी तरह सूखने और ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखें।
घर में बनाई गई कैंडी की सुरक्षित भंडारण अवधि उसकी नमी और तैयारी पर निर्भर करती है। यदि कैंडी में नमी बची हो, तो उसे फ्रिज में रखें और फफूंद, बदबू या खराब होने के संकेत मिलने पर फेंक दें।
ध्यान रखें कि कैंडी में चीनी की मात्रा काफी अधिक हो सकती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना बेहतर है।
- क्या रोजाना आंवला खाना चाहिए?
आंवले को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। लेकिन हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं।
अगर आप सामान्य रूप से स्वस्थ हैं, तो अपनी पसंद के अनुसार थोड़ी मात्रा में आंवला या उससे बनी रेसिपी खा सकते हैं।
बहुत अधिक मात्रा में आंवला खाने से कुछ लोगों को पेट में परेशानी या एसिडिटी हो सकती है। इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया का ध्यान रखें।
अगर आपको किडनी से जुड़ी बीमारी है, आप नियमित दवाएं लेते हैं या किसी विशेष आहार का पालन कर रहे हैं, तो आंवले के सप्लीमेंट या अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
आंवले का सप्लीमेंट और सामान्य भोजन में थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया गया आंवला एक जैसी चीजें नहीं हैं।
- सर्दियों में आंवला खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
बाजार से आंवला खरीदते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखें।
- ताजा और सख्त आंवले चुनें।
- जिन आंवलों पर फफूंद या सड़ने के निशान हों, उन्हें न खरीदें।
- इस्तेमाल से पहले आंवले को बहते साफ पानी में धो लें।
- जरूरत से ज्यादा आंवला खरीदने के बजाय उतना ही लें, जितना कुछ दिनों में इस्तेमाल कर सकें।
- आंवले को फ्रिज में रखें और खराब होने से पहले इस्तेमाल करें।
ताजा आंवले का इस्तेमाल करके आप घर पर चटनी, अचार और अन्य व्यंजन बना सकते हैं।
निष्कर्ष:
इस सर्दी आंवले को अपनी डाइट में जरूर जगह दें
सर्दियों में आंवला एक उपयोगी मौसमी फल है, जो विटामिन C और दूसरे पोषक तत्व प्रदान करता है। इसे संतुलित आहार में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण मिल सकता है।
अगर आपको कच्चा आंवला पसंद नहीं है, तो इसकी चटनी, अचार, जूस, मुरब्बा या कैंडी बनाकर भी खा सकते हैं।
हालांकि, आंवले को किसी बीमारी का चमत्कारी इलाज नहीं समझना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
इस सर्दी आंवले की इन आसान रेसिपीज को आजमाएं और अपनी डाइट को स्वादिष्ट तथा पौष्टिक बनाएं।
